किसने किया 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

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किसने किया 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। लगभग सात साल की सुनवाई के बाद पटियाला हाऊस कोर्ट स्थिति सीबीआइ की विशेष अदालत। किसने किया 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

किसने किया 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

के जज ओपी सैनी से सभी तीनों मामलों में पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए राजा और कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया।

तो किसने किया 2जी घोटाला?

यह प्रश्न इसलिए क्योंकि, अदालत ने यह नहीं कहा कि घोटाला नहीं हुआ।

बल्कि कहा कि अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहा। कोर्ट के इस फैसले के बाद जेसिका लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ का टाइटल याद आता है।

इसी तरह से 2जी घोटाला तो हुआ, लेकिन किया किसने यह सीबीआइ साबित नहीं कर पायी।

फिर सवाल वहीं का वहीं है कि जब घोटाला हुआ है और जिन लोगों पर आरोप था, जिन्हें सीबीआइ की विशेष अदालत ने बरी किया है उन्होंने नहीं किया तो किया किसने?

1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

इस प्रश्न का जवाब भी उसी सीबीआइ को ढूंढकर लाना होगा।

जिसकी पिछले 6 सालों की मेहनत पर गुरुवार को कोर्ट ने पानी डाल दिया।

एक लाख 76 हजार करोड़ के इस कथित घोटाले को लेकर पूर्ववर्ती यूपीए-2 सरकार हमेशा कटघरे में रही है।

इतनी बड़ी धांधली उजागर होने के बाद केंद्र की तत्कालीन डॉ. मनमोहन सिंह सरकार पर तमाम विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई थीं।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चुप्पी पर भी जमकर हमला बोला गया।

लेकिन उस समय डॉ. मनमोहन सिंह चुप ही रहे।

आज जब सभी आरोपी बरी हो गए हैं तो डॉ. मनमोहन सिंह बोले – ‘कोर्ट के फैसले से खुश हूं। मेरे खिलाफ दुष्प्रचार का जवाब मिला।’

 

2जी घोटाला हुआ या नहीं?

किसने किया 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?

 

इस प्रश्न का जवाब आज हर कोई पूर्व सीएजी विनोद राय से जानना चाहेगा।

बता दें कि 2010 में भारत के महालेखा नियंत्रक एवं परीक्षक यानी सीएजी ने।

स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में धांधली की बात कही थी।

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी खजाने को एक लाख 76 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया था।

यह अनुमान इस आधार पर था कि जिस स्पेक्ट्रम को ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर बेचा गया।

अगर उसकी नीलामी होती तो सरकार को 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो सकती थी।

 

क्या हैं राजनीतिज्ञ

बरी होने के बाद कनीमोझी ने कहा- ‘आज हम हम खुश हैं, यह एक सांकेतिक नुकसान था।

पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर की और कहा।

‘2जी मामले में विशेष अदालत के फैसले के बाद भाजपा को फायदा शून्य हो गया।

मैंने जो उस वक्त कहा था वह प्रमाणित हो गया।’ उधर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है।

‘मुझे यकीन है कि जांच एजेंसियां फैसले और आरोपियों को बरी किए जाने के मामले को ठीक से देखेंगीं और आगे क्या किया जाना है उस पर उचित फैसला लेंगी।’

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